ज़रा सोचो

नवीन ब्लॉग : ॥ नाथमाउली ॥

हातरूण हे महाराष्ट्रातील छोटेसे आडवळणी गाव . अकोला जिल्ह्याच्या ठिकाणापासून अवघ्या पस्तीस कि.मि. अंतरावर. नाथा बाबा ह्या थोर संताच्या वास्तव्याने ते तीर्थ झाले.नाथ बाबांचे लौकिक नाव महादेवनाथ यादवनाथ पारसकर.उण्यापु-या ऐंशी वर्षाच्या आयुष्यात लोकमानसावर संस्कार करणारे ते चालते बोलते लोकविद्यापीठ होते.त्या महान संताच्या चरणी ही विनम्र श्रद्धांजली... येथे वाचा

25 February, 2009

फूलों को साँस लेने दो



(‘स्लम डॉग मिलेनिअर’ फिल्म के ‘जय हो’ गीत के लिए
‘ऑस्कर २००९’ जितने वाले गुलजा़र साहब को सादर समर्पित.
 ‘फूलोंको साँस लेने दो’-यह रदीफ़ उन्ही की देन है।)

हटाओ काग़ज़ी घूँघट फूलों को साँस लेने दो
बदलती है खुशी करवट फूलों को साँस लेने दो

रहे वे मुस्कुराते तो मिलेंगी ज़िंदगी तुमको
बने ना दिल कभी मरघट फूलों को साँस लेने दो

तुम्हारे साथ गायेंगे,तुम्हारे साथ रोयेंगे
बडे़ अल्हड़,बडे़ नटखट फूलों को साँस लेने दो

हवाओ के लिफ़ाफे़ मे छुपा पैग़ाम खु़शबू का
ज़रा पलको के खोलो पट फूलोंको साँस लेने दो

इन्ही से जान लगती है मकानो मे,किवाडो़ मे
सजाते आपकी  चौखट फूलोंको साँस लेने दो

लुभाती है अदा प्यारी...मगर मेरी ज़रा मानो
हटे रुख़्सार से ये लट फूलों को साँस लेने दो

जहाँ पर बाँसुरी बजती वहाँ ना बंदूके तानो
जमुनाजी का है ये तट फूलों को साँस लेने दो

21 May, 2008

रोटी के अजगर ने

रोटी के अजगर ने निगली हयात आधी
चबाली उसूलो ने बाकी हयात आधी

आज बाप को लटके देखा बेटी ने जब
दिल के दिल मे गयी लौटके बरात आधी

उसे मनाते पलके बोझल हुई चाँद की
करवट बदले रही जागती जो रात आधी

जुल्फे,रिश्ते,धरम,किताबे नाम कैद के
रिहा हुये तो हरदम पायी निज़ात आधी

भरी जवानी मे ये पड़ते कागज़ पीले
पढ़ते रहती टूटी फूटी दवात आधी

लगे अभी से रोने आँसू आप खून के
अभी सुनाई मैने तो वारदात आधी

15 March, 2008

ग़ज़ल

ना अता,ना पता
आदमी लापता

गुम हुई कब नदी
ऐ किनारे बता

हाल क्या गाँव का
क्या शहर जानता

खो चले स्कूल मे
बच्चे अपना पता

कर ज़रा सामना
दूर क्यों भागता

गझलकार

|| एकविसाव्या शतकाच्या उंबरठ्यावर जन्म घेणा-या तान्ह्या मुला ||

‘डॉ.श्रीकृष्ण राऊत यांच्या मराठी कविता’ या ब्लॉगवर वाचा : महाराष्ट्रातील प्रतिष्ठेचे अनेक पुरस्कार प्राप्त दीर्घ कविता : ‘एकविसाव्या शतकाच्या उंबरठ्यावर जन्म घेणा-या तान्ह्या मुला' दीर्घ कविता येथे वाचा